शर्मा जी को दिल्ली जाना था पर दफ्तर से देरी हो जाने के कारण वो रात को घर पहुंचे उने रात को दिल्ली जाना था रात को एक बस दिल्ली जाती हे ये उने
पता था पर उन्होने उस बस में सीट बुक नही कराई थी रात को 10 बजे शर्मा
जज बस स्टेशन पहुंचे थोड़ी देर बाद बस आई शर्मा जज बस में चढ़े तभी
कनेक्टर पूछता है की आपकी सीट।
शर्माजी- मेने सीट बुक नहीं कराई।
कनेक्टर- क्या आपने सीट बुक नही कराई ओर चढ़ गये बस मे।
शर्मा जी- वो मुझे जल्दी दिल्ली पहुंचना था और अगर आप कहे तो मे कोई सीट का किराया देकर उस पर बैठ सकता हु
कनेक्टर- अच्छा ठिक हैं आप पूरी बस में घूम के आ जाईये अगर आपको कोई सीट खाली दिखे तो आप उस पर बैठ जाना।
शर्मा जी पूरी बस में घूम लेते हे ओर उने एक सीट खाली दिखाई देती है सीट नम्बर 40 शर्मा जी उस पर बेठ्ने वाले ह
तभी उने आवाज आती हे रुकिये।
कनेक्टर-रुकिये आप इस सीट पर नहीं बैठ सकते ।
शर्मा जी- क्यु आपने ही तो कहा था की जो सीट खाली दिखेकनेक्टर- हा पर ये सीट मंत्री जी की है जो रात 2 बजे जयपुर से चढ़ने वाले हे
ओर उन्होने कहा है की जब तक मे ना आ जाऊ तब तक इस सीट पर कोई नही बैठना चाहिए।
शर्मा जी- क्या पर अभी तो ये सीट खाली है।
कनेक्टर- हा लेकिन उन्होने कहा है की उनकी सीट गंदी हो जाएगी।
शर्मा जी- क्या एक आम आदमी के बैठने से उनकी सीट गंदी हो जायगी कल या पर कोन बेठा था।
कनेक्टर- कल या पर एक भिखारी बेठा था।
शर्मा जी- कल या एक भिखारी बैठा था वाहा एक मंत्रि बेठेगे ।
कनेक्टर- तो क्या मेने पूरी सीट को अच्छे से त्य्यार कराया है।
शर्मा जी- अच्छा ठीक है।
तभी एक छोटी बच्ची बोली अंकल आप मेरी सीट पर बैठ जाईये शर्मा जी ने कहा आप बेठे रहिये बेटा में खड़ा हु। तभी कनेक्टर आगे की सीट से किसिको उतारता है।
शर्माजी- अब में उस सीट पर बैठ सकता हु ।
कनेक्टर- नही उस पर मे बेठूगा ।
शर्माजी- पर कनेक्टर तो यात्रिओं का ध्यान रखने के लिए होता है।
कनेक्टर- यात्रिओं का ध्यान सुबह ध्यान रखा जाता हे श्याम का मे आपन ध्यान रखा जाता है।
तभी पीछे से आवाज आई अब अंकल हमारी चौकीदार करिए शर्मा जी ने
पीछे देखा तो 4-5 लड़के थे शर्मा जी उने कुछ कहे उससे पहले ही उन्हे पता चल गया था की शराब पी रखी हे।
कनेक्टर- आप एक काम करिए आप मुझे 200 रु दिजीये ओर 2 घण्टे के लिए इस सीट न:40 पर बेठ जाईये ।
शर्मा जी उसे 200 रु देते हे ओर बेठेने वाले होते हे ली उने आवाज आई रुकिये मेने कहा की मेने कहा की मे कुछ नही कहुगा लेकिन ये लड़के कहे सकते हे ।
शर्मा जी- ये क्या मजाक हे ।
वर्मा जी - ये कनेक्टर ओर ये लड़के रोज किसी ना किसी को परेसान करते हे आज आपकी बारि हे शर्मा जी ।
शर्मा जी - आछा तो सुन कनेक्टर तु ओर ये लड़के दोनो सुदरोगे वो भी मेरे
दिल्ली पहुंचाने से पहले ये मेरी चुनोती है।
कनेक्टर भी शर्मा जी चुनोती को मान लेता हे।
रात के 12 बजे बस एक होटल पर रुखी ओर कनेक्टर ओर चालक दोनो चाय पीने उतरे शर्मा जी भी कोई काम के लिये उतरे बस एक बार फिर शुरु हूई शर्मा जी को निद आ रही थी पर खड़े खड़े केसे सो सकते थे।
रात 2 बजे जयपुर आया मन्त्री जी आ गये पूरी बस जाग गयी कयुकी बाहर बहुत शोर था मंत्रि जी बस मे चढ़े कनेक्टर ने कहा आपका स्वागत है मन्त्री जी।
मन्त्रि- मेरी सीट कहा हे कनेक्टर सहाब । कनेक्टर- ये रही सीट न:40।
मंत्रि जी जेसे ही उस पर बेठेने वाले होते हे की।
कनेक्टर- रुकिये सर इस आदमी ने आपकी सीट पर बेठा । मंत्रि- क्या मेने कहा ना की मेरी सीट पर कोई नही बैठे ।
कनेक्टर _ हा मेने बहत कहा इनको पर ये नही माने
मंत्री जी _ क्या नाम है आपका ?
शर्मा जी _ राजेश शर्मा ।
मंत्रि- क्या आप मेरी सीट पर बेठे।
शर्मा जी- जी हा पर जेसे ही मे आपकी सीट पर बेठेने वाला था की वहा मेने देखा की वहा एक सराब की बोतल थी।
मंत्रि जी ओर सब उस सीट पर जाते हे ओर वहा सच मे सराब की बोतल थी ।
मंत्रि- कनेक्टर ये बोतल यहां पर केसे आई।
कनेक्टर- इस शर्मा जी ने ही रखी होगी।
मंत्रि- ये शराब पीने वाले नही लग्ते। शर्मा- ये लड़के शराब पीते हे ।
मंत्रि जी उनके पास जाते हे की उने शराब की दुर्गंद आती है।
मन्त्रि- इन लड़को ने सराब पी हे।
कनेक्टर- पर शर्मा जी आपको केसे पता की इस सीट पर शराब की बोतल हे
शर्मा जी- ये क्या कनेक्टर सहाब आपने ही तो कहा की मे मंत्रि जी की सीट पर बेटा।
कनेक्टर खुद की बात मे फासता नजर आ रहे थे।
कनेक्टर- पर सहाब इन्होने मुझे रिस्वत दी 200 रु इस सीट पर बेठेने के लिये
मंत्रि- क्या आप मेरी सीट पर 200 रु मे बेठेना चाहते थे ।
तभी शर्मा जी कुछ बोले उस से पहले वो बच्ची बोली अंकल इन्होने इन अंकल से 200 रु ले लिये ओर इने बेठेने भी नही दिया ।
शर्मा जी- देखा आपने मंत्रि जी बच्चे कभी झूठ नहीं बोलते।
मंत्रि- क्या कनेक्टर तुम इस तरह पसंजर के साथ व्यवहार करते हो ।
कनेक्टर- सहाब ये आदमी कह रहा था की ये नेता लोग पहले उस कुर्सी के लिए मरते थे अब इस कुर्सी को भी नही छोड़ा ।
मंत्रि- क्या आपने एसा कहा।
शर्मा जी - हा सहाब पर मेने एसा कहा की ये बढ़े लोग वो कुर्सी किसिको नही देते तो ये कुर्सी क्या लेने देगे। ओर हा मंत्रि जी ये कनेक्टर आपको मंत्रि जी जेसा नही समझता बस आप्से पेसे दोगुने लिये लेकिन सराब की बोतल वाली सीट ओर आपकी सीट के निचे टायर हे ताकी आपको बार बार परेसानी हो ओर तो ओर कल आपकी सीट पर एक भिखारी बेटा था ।
मंत्रि- क्या कनेक्टर मुझे अभी के अभी दुसरी सीट चाहिए ।
कनेक्टर- पर सर दूसरी सीट तो खाली नही है।
जी - वो आगे वाली सीट हे खाली जिस पर आप आराम फरमा रहे थे ।
शर्मा मंत्रि- हा वो सीट मुझे दो ओर इस सीट नम्बर 40 पर शर्मा जी बेठेगे ओर ये 4 लड़को को बस के उपर बेठेओ ओर कनेक्टर यात्रिओं का ध्यान रखने के लिए होते हे ।
शर्मा जी हल्की सी मुस्कान के साथ सीट पर बेठेते हे ।
समाप्त

