एक बहुत बूढ़ा आदमी था। उसके 4 बेटे थे। बूढ़ा अपने बेटों को लेकर बहुत चिंतित था, क्योंकि सभी बेटे एक-दूसरे के विरोधी थे और आपस में लड़ते रहते थे। एक दिन बूढ़े ने उन सभी को अपने पास बुलाया और सभी को लकड़ी का एक-एक टुकड़ा दिया और उसे तोड़ने के लिए कहा। सभी ने एक झटके में लकड़ी तोड़ दिया। फिर बूढ़े ने उन्हें लाठी के कुछ टुकड़ों को इकट्ठा एक साथ बांधकर उनको दिया। लेकिन एक भी बेटा उन लाठियों को तोड़ न सका।
अब जाकर उन्हें एकता की ताकत समझ में आई। फिर वे मिलजुल कर रहने लगे।

